Posts

Showing posts from July, 2022

योग क्या है?

'योग' एक भारतीय दर्शन या शास्त्र है। 'योग दर्शन' पर सबसे प्रमाणित महर्षि पतंजलि द्वारा लिखित सुत्र माने जाते है। पतंजलि योग सूत्र के अनुसार -  'योगश्चित्त वृत्तिनिरोध:' अर्थात - 'चित्तवृत्तियों' को रोकना ही योग है। चित्त में उठने वाली विचार तरंगों को वृत्ति (भंवर) कहते हैं। इन वृत्तियों को   रोकना ही योग कहलाता है। वैसे 'योग' का शाब्दिक अर्थ है - जोड़। वास्तव में यह योग भी जोड़ना ही है। किसे जोड़ना है? किससे जुड़ना है? यह प्रश्न उठने स्वभाविक है। योग का परिणाम होता है - आत्मा और परमात्मा का संबंध हो जाना। अतः यह आत्मा का परमात्मा से योग जुड़ना है। मन बड़ा चंचल है। यह जिस इंद्रिय से संयुक्त होता है उसी के द्वारा बाह्य विषयों का हम ज्ञान करते हैं। किसी वस्तु को हम देख रहे हैं। वह वस्तु हमारी आंखों के सामने होती है।  बाहरी तंत्र उस विषय को मस्तिष्क के अंदर इंद्रिय तक भेजते हैं और इंद्रिय उसे मन को और मन निश्चयात्मिका बुद्धि के पास भेजता है। तब पुरुष या आत्मा उसे ग्रहण करता है। यह सब कार्य क्षणभर में हो जाता है। यह जो मन भी भौतिक शरीर के अन्य यंत्रों...